आहार और पोषण

भोजन और पोषण के महत्व को समझना हमारे स्वास्थ्य और विकास के लिए आवश्यक है। उचित आहार हमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए ऊर्जा देता है और विभिन्न बीमारियों को रोकने में मदद करता है।  जहां तक भारतीय भोजन की बात है तो यहां के लोग अपने आहार में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उपयोग करते हैं। भारतीय व्यंजनों में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह की सामग्रियों के साथ-साथ सब्जियाँ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि ये सब्जियां विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं।



पोषण क्या है ?

पोषण ऐसी क्रिया है जिसके द्वारा भोजन या आहार के माध्यम से आवश्यक पोषक तत्वों को शरीर में पहुंचाया जाता है, ये पोषक तत्त्व हमारे शरीर की सुरक्षा और उत्तम विकास के लिए बहुत ही आवश्यक हैं साथ ही ये तत्त्व शारीरिक, मानसिक,और सामाजिक विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। ये पोषक तत्त्व हमें संतुलित आहार के द्वारा ही प्राप्त हो सकते हैं।

संतुलित आहार क्या है ?

ऐसा आहार जिसमे सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में हों और जो विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों से प्राप्त होता हो, संतुलित आहार कहलाता है।
संतुलित आहार में प्रोटीन, विभिन्न प्रकार के विटामिंस, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, वसा, खनिज पदार्थ और पानी जैसे सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं।

संतुलित आहार की कमी से निम्नलिखित हानियां हो सकती हैं:

1. शारीरिक व मानसिक कमजोरी।

2. अनियमित वजन।

3. पोषक तत्वों की कमी।

4. स्वास्थ्य समस्याएं जैसे मनोविकार, पाचन संबंधी समस्याएं, दिल की बीमारियाँ, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, त्वचा रोग, थकान, मेमोरी लॉस, ऑस्टियोपोरोसिस इत्यादि।

5. कमजोर प्रतिरोधक क्षमता।

इन सभी हानियों से बचने के लिए, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना जरूरी होता है।

संतुलित आहार की कमियों को पूरा करने के लिए आप निम्नलिखित कदम अपना सकते हैं 

1. विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ : अपने आहार में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों को शामिल करें जैसे अन्न, फल, सब्जियाँ, दूध उत्पाद, अंडे, दालें, अनाज आदि  क्योंकि विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों से हमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्त्व प्राप्त होते हैं।



2. फल और सब्जियों की अधिकता : इन्हें अपने भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएं, क्योंकि ये फाइबर, विटामिन, और खनिजों का स्रोत होते हैं।

3.पर्याप्त प्रोटीन : अंडे, मछली, मांस, दालें, पनीर, दही, आदि खाएं क्योंकि प्रोटीन हमारे शरीर में होने वाली टूटफुट की मरम्मत की करता है और शारीरिक विकास भी करता है।

4. स्वस्थ फैट्स :  हमारे भोजन में स्वस्थ फैट्स होने चाहिए जैसे कि नट्स, बीज, देशी घी और तिल के तेल।

5. फाइबर  : प्रतिदिन कम से कम 25-30 ग्राम फाइबर जरूर लेना चाहिए। फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज को दूर करता है और वजन को नियंत्रित करता है।

6. पानी : प्रतिदिन 8 से 10 ग्लास पानी जरूर पिए, पानी से शरीर हाइड्रेट रहता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते है साथ ही त्वचा, किडनी, लीवर, और आंखों से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती हैं।

7. प्राकृतिक खाद्य : प्रोसेस्ड और अत्यधिक तेल और चीनी वाले खाद्य पदार्थों की जगह स्वस्थ और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को चुनें।

8. अल्पाहार या सीमित भोजन : खाने की मात्रा को संतुलित रखें और अत्याधिक ना खाएं क्योंकि ज्यादा खाने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है और खाना ठीक से पच नहीं पता जिससे, गैस, एसिडिटी, कब्ज और मोटापा आदि की समस्या हो जाती है।

यदि आपको अपने आहार में कुछ सुधार करने की जरूरत महसूस होती है, तो एक पौष्टिक खाने की योजना तैयार करने के लिए एक पोषणिक सलाहकार (nutritian) से बात करना भी उपयोगी हो सकता है।  

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